Sanjay Nishad: उत्तर प्रदेश की राजनीति में निषाद पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद की समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, संजय निषाद ने इसे फिलहाल शिष्टाचार भेंट बताया है। मुलाकात पर संजय निषाद की सफाई संजय निषाद के मुताबिक, माता प्रसाद पांडेय उनके पुराने साथी और मार्गदर्शक रहे हैं। उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर वह हालचाल लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दो वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात में कई मुद्दों पर बातचीत होना स्वाभाविक है। बातचीत में गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड का मुद्दा भी उठा। बीजेपी पर क्या बोले संजय निषाद? मुलाकात के बाद जब उनसे समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया तो संजय निषाद ने अपने विकल्प खुले रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी उनके लिए दरवाजे बंद करती है तो आगे के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। उनका कहना है कि निषाद पार्टी उस पक्ष के साथ रहेगी जो निषाद समाज के मुद्दों को गंभीरता से लेगा और लंबित मांगों को हल करने में मदद करेगा। सीटों और मांगों का मुद्दा संजय निषाद ने निषाद समाज की लंबित मांगों का भी जिक्र किया। रिपोर्टों के मुताबिक, निषाद पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका बढ़ाने और अधिक सीटों की मांग कर रही है। पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। गोंडा कांड के बाद बढ़ी थी सक्रियता गोंडा में निषाद समाज से जुड़े व्यापारी विनोद साहनी की मौत के बाद संजय निषाद ने प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। मामले में पुलिस की ओर से गिरफ्तारियां और कुछ अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई। इस घटनाक्रम के बाद संजय निषाद के सरकार के साथ रिश्तों को लेकर भी चर्चा हुई। फिलहाल संजय निषाद ने बीजेपी से अलग होने या समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का कोई ऐलान नहीं किया है। ऐसे में उनकी माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात और आगामी दिनों में उनके बयानों पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं। ये भी पढ़ें: मेरठ में सुबह-सुबह गरजा बुलडोजर! 44 सील भवनों पर चला बुलडोजर, सेंट्रल मार्केट सील